फैसला

तल्ख़ हकीक़त

साहित्य

5/16/20261 min read

छंद मुक्त कविता --- फैसला ------- वक़्त ही वक्त का फैसला कर रहा है,,,, जीवन जीने का हौसला कर रहा है,,, ये दुनियां भी है ,, चिड़ियों का घोंसला,,, घोंसले को भी है जीवन जीने का हौसला,,, जिदंगी की आस,, घोंसला कर रहा है,,,,, वक्त ही वक्त का फैसला कर रहा है,,,,उस पैमाने में है,, उसकी जिन्दगी,,, इस पैमाने में है,, इसकी जिन्दगी,,, प्रत्येक पैमाना फासला कर रहा है,,, वक़्त ही वक्त का फैसला कर रहा है,,, बड़ी परेशानी में है उसका जीवन,,, बड़ी परेशानी में है इसका जीवन,,, जीवन मौत का मुकाबला कर रहा है,,, जीवन जीने का हौसला कर रहा है,,,, वक्त ही वक्त का फैसला कर रहा है,,कोई किसी का नहीं है,, तल्ख़ हकीक़त है,,,उन दोनों की दुश्मन,, बस इक मोहब्बत है साथ में रहने का ,,, ढकोसला कर रहा है,,, वक्त ही वक्त फैसला कर रहा है,,, जीवन जीने का हौसला कर रहा है,,,,, संपादक