भक्ति गीत: मैया, इक तेरा ही सहारा है
यह भावपूर्ण भक्ति गीत एक भक्त की पीड़ा, भटकाव और माँ के प्रति उसकी अटूट श्रद्धा को व्यक्त करता है। जीवन की कठिनाइयों और छल-कपट से थका हुआ मन अंततः शेरावाली माँ की शरण में सच्चा सहारा पाता है। इस गीत में माँ की ममता, करुणा और ज्ञानरूपी शक्ति का सुंदर वर्णन है, जो हर दुखी हृदय को संबल देती है।
साहित्य
4/17/20261 min read


भक्ति गीत: मैया, इक तेरा ही सहारा है
मैया, इक तेरा ही सहारा है हमें,
बाकी सब झूठे हैं।
पग-पग पे, शेरावाली माँ,
हमको इस जग ने लूटे हैं।
ममतामयी तू, करुणामयी तू,
मैं हूँ अज्ञानी, विद्यामयी तू।
जाने कब से दिल के तार टूटे हैं।
मैया, इक तेरा ही सहारा है हमें,
बाकी सब झूठे हैं।
घर से बेघर हो गया हूँ मैं,
हाँ, दर-बदर हो गया हूँ मैं।
पटके चौखट पे तेरे सिर,
देखो, सबके सिर फूटे हैं।
मैया, इक तेरा ही सहारा है हमें,
बाकी सब झूठे हैं।
