औकात ------------

डॉलर वाला ----

संपादक

5/6/20261 min read

छंद मुक्त कविता --- जैसे --- तैसे --- जानम,,, मुबारक हो तुम्हे,, डॉलर वाला,,,मेरी औकात तो,,, एक रूपये के बराबार भी,,नहीं है,,बस चवन्नी,,, अठन्नी,,, में जैसे तैसे मेरी जिन्दगी कट रही है --------

संपर्क

आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।

ईमेल

राजेश कुमार कर्मपथी उर्फ़ सम्राट शैदा सुलतान पूरी

continuehindimagazine@gmail.com

© 2025. All rights reserved.

C.M.D - Pooja Agrotech India Private Limited